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कोआला डायरी

कोआला डायरी

जानवरनिबंध
लेखकयुआमी
अपडेट किया गया21 जुल॰ 2025
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जिस दिन सब कुछ ठीक रहा, और जिस दिन नहीं रहा, अगर हम हर दिन को वैसे ही संजो सकें—कोआला के दिनों को देखकर हल्की सी मुस्कान आती है, सुकून मिलता है, और न जाने क्यों आंखों से आंसू छलक आते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में छिपी छोटी-छोटी खुशियों को धीरे से समेटती, प्यार से भरी एक सचित्र डायरी।

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